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सिविल सेवा परीक्षा स्थगित करने की मांग, केंद्र और यूपीएससी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Thu, 24 Sep 2020 05:28 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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इस साल होने वाली सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने के लिए डाली गई एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। अदालत ने इसे लेकर केंद्र और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई की अगली तारीख 28 सितंबर तय की गई है।

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जस्टिस एएम खानविलकर और संजीव खन्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यूपीएससी और केंद्र को यह नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई की अगली तारीख 28 सितंबर तय की।  याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि बाढ़, बारिश को कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए सिविल सेवा परीक्षा को दो से तीन महीने के लिए टाला जाए।

यह याचिका 20 यूपीएससी अभ्यर्थियों ने अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव के माध्यम से दायर की है। याचिका के अनुसार सात घंटे लंबी इस ऑफलाइन परीक्षा में देशभर के करीब सात लाख अभ्यर्थी भाग लेंगे। इस परीक्षा के लिए देशभर में कम से कम 72 केंद्र बनाए गए हैं।
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याचिका में कहा गया है कि सिविल सेवाओं में भर्ती के लिए आयोजित होने वाली यह परीक्षा शैक्षणिक परीक्षा से अलग है। अगर इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया जाता है तो इससे किसी प्रकार के शैक्षणिक सत्र में विलंब होने जैसा सवाल नहीं उठता है।

यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 के लिए एडमिट कार्ड पहले ही जारी कर दिए हैं। कोविड-19 के कारण यूपीएससी ने पहले जून में होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का शेड्यूल भी बदला था। नए शेड्यूल के अनुसार यह परीक्षा चार अक्तूबर 2020 को आयोजित की जाएगी।

यूपीएससी अभ्यर्थी इसे लेकर कह रहे हैं कि यह कोई अकादमिक परीक्षा नहीं बल्कि भर्ती परीक्षा है, इसे रोका जा सकता है। अभी तक जेईई और नीट परीक्षा के आयोजन को स्थगित करने की मांग की जा रही थी। हालांकि, ये परीक्षाएं स्थगित नहीं हुईं। ऐसे में सिविल सेवा परीक्षा के भी स्थगित होने के आसार कम ही हैं।

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