उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वृंदावन में विधवाओं की स्थिति में सुधार करने के प्रयास जारी है। सरकार ने बताया कि वहां 500 बिस्तरों का एक होस्टल का निर्माण चल रहा है। हालांकि सरकार ने शीर्ष अदालत के समक्ष बजट की कमी का रोना रोया।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यूपी सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल गौरव भाटिया ने कहा कि वृंदावन में विधावओं की सुविधाएं देने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। 500 बेड का हॉस्टर का निर्माण भी चल रहा है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विधावओं को कूपन भी दिए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि बजट को लेकर समस्या आ रही है। बजट करीब 19 लाख रुपये का है। केंद्र से भी योगदान भी मिला है।
राज्य सरकार ने इस मद पैसे खर्च रही है, लेकिन अब भी करीब 13 करोड़ रुपये की कमी है। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने बताया कि वृंदावन में कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल बनाने की बात हो रही है।
इसके लिए एक एनजीओ भी मदद करने को तैयार है लेकिन यूपी सरकार मदद नहीं लेना चाह रही है। इस पर पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि एक तरफ आम बजट की कमी का रोना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आप मदद भी लेने को तैयार नहीं है।
पीठ ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क में रहने के लिए कहा है। पीठ ने राज्य सरकार को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।