बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में फंसे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एएनआई की खबर के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं समेत14 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का केस चलाया जाना चाहिए। सीबीआई के मुताबिक इन सभी के खिलाफ लखनऊ की कोर्ट में ट्रायल चलाया जाए।
CBI tells SC :14 persons, including BJP leaders, acquitted of the charges under criminal conspiracy, should be tried in Lucknow Court #Babri
— ANI (@ANI_news) April 6, 2017
सीबीआई ने कोर्ट को ये भी बताया कि 1992 में हुए बाबरी विध्वंस में इन सभी आरोपियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई थी।
CBI tells Supreme court: There are two FIRs registered against all the accused in the 1992 Babri Masjid demolition case
— ANI (@ANI_news) April 6, 2017
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती सहित 12 लोगों के आपराधिक खिलाफ साजिश रचने का केस चलाने पर विचार करने जा रहा है।
Babri Masjid demolition case: SC likely to examine whether to revive conspiracy charges against BJP leaders LK Advani, MM Joshi and others pic.twitter.com/TY5jaq0CDk
— ANI (@ANI_news) April 6, 2017
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि टेक्निकल ग्राउंड पर इन लोगों को राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि इन लोगों के ऊपर से जब हाईकोर्ट ने आपराधिक साजिश रचने की धारा हटाई थी तो पूरक आरोपपत्र दाखिल क्यों नहीं किया।
कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ तकनीकी आधार पर किसी को राहत नहीं दी जा सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा था कि मामले की सुनवाई दो अलग-अलग अदालतों में चलाने के बजाए एक ही जगह क्यों न की जाए।
कोर्ट ने कहा कि रायबरेली में चल रही सुनवाई को लखनऊ ट्रांसफर क्यों न कर दिया जाए क्योंकि इससे जुड़ा का एक मामला पहले ही वहां पर चल रहा है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) हटा दिया था।