केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां अब्दुल कयूम को हिरासत में रखने का आदेश छह अगस्त के बाद नहीं बढ़ाया जाएगा।
जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, कयूम की हिरासत अवधि आगे नहीं बढ़ेगी। इस पर पीठ में उन्हें यह निर्देश लाने को कहा कि क्या कयूम को जल्द सशर्त जमानत दी जा सकती है। पीठ ने कहा, कयूम के साथ यह शर्त रखी जा सकती है कि सात अगस्त तक वह दिल्ली में रहें और कोई बयान न जारी करें।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। कयूम को एक आदेश के जरिए एक वर्ष के लिए डिटेन किया था। यह अवधि खत्म हो चुकी है। कयूम की और से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा, हिरासत अवधि खत्म होने के बाद उन्हें एक भी दिन हिरासत में रखने का क्या मतलब है, यह गैरकानूनी है।
कयूम ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।