चुनाव के समय अचानक रेड क्यों- कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि अगर कोयला घोटाले की जांच पहले से चल रही थी, तो चुनाव के समय अचानक रेड क्यों की गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव I-PAC नहीं, बल्कि चुनाव आयोग कराता है। ईडी का आरोप है कि रेड के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई, अहम दस्तावेज छीने गए और अधिकारियों को धमकाया गया। इसी आधार पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को जब्त कर सील करने की मांग की है।
याचिका में लगाए गए आरोप गलत- अभिषेक सिंघवी
राज्य सरकार और डीजीपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका की सुनवाई योग्य होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट नोटिस जारी करता भी है, तो यह साफ किया जाए कि यह उनकी आपत्ति के अधीन होगा। सिंघवी ने दलील दी कि ईडी का सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचना केवल असाधारण परिस्थितियों में ही सही ठहराया जा सकता है, जब कोई और प्रभावी कानूनी उपाय उपलब्ध न हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी फोरम शॉपिंग कर रही है, क्योंकि इसी तरह की राहत पहले ही हाईकोर्ट से मांगी जा चुकी है।
वरिष्ठ वकील ने कहा कि ईडी की याचिका में लगाए गए आरोप और पंचनामा एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। उनके मुताबिक, या तो याचिका में लगाए गए आरोप गलत हैं या फिर पंचनामा ही गलत है, दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में रुकावट और तलाशी न हो पाने के दावे पंचनामा के सामने टिकते नहीं हैं। सॉलिसिटर जनरल के इस बयान पर कि राज्य सरकार को जानकारी दी गई थी, सिंघवी ने कहा कि राज्य को केवल सुबह करीब 11:30 बजे एक सामान्य ईमेल मिला, जबकि तलाशी सुबह 6:45 बजे ही शुरू हो चुकी थी। अंत में सिंघवी ने ईडी से अनुरोध किया कि वह स्पष्ट निर्देशों को रिकॉर्ड पर रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कवायद सिर्फ रिकॉर्ड तैयार करने और अपनी कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश है।
डीजीपी राजीव कुमार के निलंबन की मांग-ईडी
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की है, जिसमें पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार के निलंबन की मांग की गई है। ईडी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है, आरोप लगाते हुए कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और दुराचार किया। सेंट्रल एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से कर्मचारी और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और गृह मंत्रालय को निर्देश देने की अपील की है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में TMC की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें पार्टी ने ED पर गलत तरीके से कागजात जब्त करने का आरोप लगाया था।
यह मामला 8 जनवरी की घटना से जुड़ा है, जब ईडी ने कोलकाता के सॉल्ट लेक में I-PAC कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर कोयला तस्करी मामले में छापेमारी की थी। एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान उसके काम में बाधा डाली गई। ईडी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत अपने साथ ले गईं। वहीं, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ईडी पर अधिकारों से आगे बढ़ने का आरोप लगाया है। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी जांच में रुकावट डालने के आरोपों से इनकार किया है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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