सुप्रीम कोर्ट मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की उस याचिका पर 11 जून को सुनवाई करेगा जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ जारी सभी जांच को महाराष्ट्र के बाहर किसी निष्पक्ष एजेंसी को हस्तांतरित करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड सूची के अनुसार, परमबीर सिंह के मामले को जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यिम की पीठ के समक्ष शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध किया है। 18 मई को जस्टिस बीआर गवई ने याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह को 17 मार्च को मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया था और उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश होम गार्ड का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। यह फैसला उनके द्वारा प्रदेश के तत्कालीन गृहमंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद लिया गया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने देशमुख के खिलाफ सिंह के आरोपों के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। देशमुख को मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शीर्ष अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और उसके पदाधिकारियों ने उन पर अनेक जांच थोपी हैं। उन्होंने इन्हें महाराष्ट्र के बाहर हस्तांतरित करने तथा सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से पड़ताल कराने का अनुरोध किया है।
सिंह पर ऐसे कई मामलों में से 2015 के एक मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत जांच चल रही है। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से इस तरह की जांच कार्रवाई की जा रही हैं।