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बाबरी विध्वंस केसः SC ने सभी पक्षों से मांगा लिखित हलफनामा, दो हफ्ते बाद सुनवाई

Thu, 23 Mar 2017 12:03 PM IST
amarujala.com- Presented by: अजय कुमार सिंह
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बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित में हलफनामा मांगा है। गुरुवार को सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने दो दफ्ते बाद सुनवाई करेगी। बता दें कि इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ के दो जजों के एक साथ नहीं होने के कारण बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा था क्योंकि भाजपा नेता आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह आदि नेताओं पर बड़ा निर्णय ले सकती थी।
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  #FLASH Babri Masjid demolition case: Supreme Court bench asks all the parties to file their respective written submissions in the case pic.twitter.com/eLC7KCUFj5 — ANI (@ANI_news) March 23, 2017
Babri Masjid demolition case: SC bench added that the matter will be heard after two weeks. — ANI (@ANI_news) March 23, 2017


मालूम हो कि पिछली सुनवाई में इस मामले में आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के 13 नेताओं से षड्यंत्र के आरोप खत्म करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था। यह कहते हुए कि इस मामले में कुछ तो अनूठा है, शीर्ष अदालत ने यह जानना चाहा था कि आखिर इन नेताओं के खिलाफ पूरक चार्जशीट क्यों नहीं दायर की गई।
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दरअसल इन नेताओं पर लगे षड्यंत्र के आरोप खत्म करना सुप्रीम कोर्ट के गले नहीं उतर रहा है। 6 मार्च की पिछली सुनवाई में पीठ ने कहा था कि प्रथमदृष्टया हमें आडवाणी, जोशी, कल्याण सिंह सहित 13 लोगों के खिलाफ षड्यंत्र के आरोप खत्म करना उचित नहीं नजर आता।

पीठ ने सीबीआई को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि आखिर इस मामले में इन 13 लोगों के खिलाफ पूरक चार्जशीट क्यों नहीं दायर की गई। पीठ ने कहा कि तकनीकी कारणों से इन लोगों पर से षड्यंत्र का आरोप हटाए गए, लिहाजा इसे चुनौती क्यों नहीं दी गई।

इस मामले की सुनवाई कर ही पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति पीसी घोष ने बुधवार को कहा कि वह इस मामले की सुनवाई अपने साथी जज रोहिंग्टन नरीमन के साथ करेंगे। बुधवार को न्यायमूर्ति घोष न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता के साथ पीठ साझा कर रहे थे।

बुधवार को याचिकाकर्ताओं में से एक हाजी महबूब अहमद की ओर से पेश वकील एमआर शमशाद ने सुनवाई टालने की गुहार करते हुए कहा कि उन्हें लखनऊ और रायबरेली में चल रहे मामलों के स्टेटस को लेकर दस्तावेज दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक्त चाहिए।

पीठ सुनवाई एक हफ्ते के लिए टालने वाली ही थी कि आडवाणी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने कहा कि वह किसी अन्य मामले की रोजाना होने वाली सुनवाई में व्यस्त रहेंगे, लिहाजा सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी जाए। इस पर वकील शमशाद ने कहा कि ऐसी स्थिति में मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को ही की जाए जिसके बाद पीठ ने कहा सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी।
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