उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को शुक्रवार जमानत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने करीब 23 महीने बाद उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। सिद्दिकी कप्पन को पांच अक्तूबर, 2020 को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस यूयू ललित व जस्टिस एस. रवीन्द्र भट्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश के गृह विभाग से कप्पन की याचिका पर पांच सितंबर तक जबाव देने को कहा था।
दरअसल, हाथरस मामले में हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में सिद्दीकी कप्पन को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सिद्दीकी पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई गईं हैं। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए कप्पन की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
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वैवाहिक दुष्कर्म मामले में 16 को सुप्रीम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध ठहराने के बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के खंडित आदेश के बारे में दायर याचिकाओं पर 16 सितंबर को सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने 11 मई को खंडित फैसला दिया था जिसमें एक जज इस पक्ष में थे कि पत्नी की इच्छा के बिना यौन संबंध बनाए जाने पर पति को अभियोजन से छूट देने वाले कानून को रद्द किया जाए, वहीं दूसरे जज इसे असांविधानिक मानने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि दोनों जजों ने सहमति से याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ले जाने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ लीव जारी किया और कहा कि इसमें कई ऐसे कानूनी प्रश्न हैं जिन्हें शीर्ष कोर्ट से सुलझाने की जरूरत है।