क्या रोज -रोज नई याचिकाएं दायर करने के लिए भाजपा तुम्हें फाइनेंस करती है। क्या कोर्ट में पॉलीटिकल एक्टिविज्म को बढ़ावा देने के लिए भाजपा तुम्हें प्रोत्साहित करती है? उक्त तल्ख टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रदेश भाजपा के एक प्रवक्ता पर की जिनकी रोज रोज की पीआईएल (जनहित याचिका) दायर करने की आदत से शीर्षतम कोर्ट भड़क उठी।
खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट कोर्ट दिल्ली भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय के लगातार जनहित याचिका दायर करने से नाराज हो गई। कोर्ट ने उन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या यही वो काम है जो भाजपा ने आपको दे रखा है? क्या भाजपा आपको कोर्ट में उसका एजेंडा बढ़ाने के लिए फाइनेंस करती है?
असल में भाजपा के उक्त प्रवक्ता लगातार सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करते रहते हैं। उन्हीं की एक याचिका पर कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई कर रही थी। जिसे कोर्ट ने तुरंत खारिज कर दिया।