पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उन्हें कहा कि वे पूछताछ के लिए 23 अगस्त को सीबीआई के सामने पेश होए। वहीं अपनी सफाई में कार्ति ने कोर्ट से कहा कि वे पेश होने से नहीं डरते हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा की जरूरत है।
Supreme Court directs Karti Chidambaram to appear before CBI for interrogation on August 23
— ANI (@ANI) August 18, 2017
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कार्ति के विदेश जाने पर रोक लगा दी थी। उनके खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट नोटिस जारी किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट की आपत्ति के बावजूद जारी रखा।
कार्ति चिदंबरम की तरफ से कहा गया कि ये एलओसी राजनीतिक दबाव की वजह से जारी किया गया है, इसलिए इसे रद्द कर दिया जाए। बता दें कि 16 जून को कार्ति चिदंबरम और उनके 4 सहयोगियों सीबीएन रेड्डी, रवि विस्वनाथन, मोहनन राजेश और एस भास्कररमन के खिलाफ 18 जून को लुकआउट नोटिस जारी किया था।
इस लुकऑउट नोटिस में कार्ति से कहा गया था कि अगर विदेश जाना जरूरी हो, तो उन्हें सीबीआई और ईडी को इसकी पहले से जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें अपनी यात्रा के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बावजूद वो तबतक देश नहीं छोड़ सकते, जबतक जांचकर्ता उन्हें मंजूरी न दे दें। कार्ति चिदंबरम ने सभी आरोपों को नकारा है और कहा है कि ये सारे मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम देश के पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता पी. चिदंबरम के पुत्र हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार कर काफी दौलत इकट्ठा की। उनपर विदेशी मुद्रा के भी हेर-फेर के आरोप हैं। कार्ति चिदंबरम के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने लुकऑउट नोटिस जारी किया था, ताकि वो देश छोड़कर भाग न सकें। पर अब कोर्ट ने उस लुकआउट नोटिस पर स्टे ऑर्डर जारी कर दिया है।