सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की याचिकाओं पर केंद्र को चार हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है। याचिकाओं में केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2023 के फैसले के अनुरूप कार्रवाई की मांग की गई है।
जम्मू-कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा देने की लगातार उठ रही मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार को अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है ताकि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल कर सके। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
तुषार मेहता ने अदालत में क्या कहा?
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि यह एक विशेष स्थिति है और इसमें कई संवेदनशील पहलू जुड़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग केंद्र शासित प्रदेश के बारे में जानबूझकर नकारात्मक छवि पेश कर रहे हैं।