फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिए निर्देश, कहा- गैर-कोरोना इलाज वाले क्षेत्रों में भी स्वास्थकर्मियों को दी जाए पीपीई किट

Tue, 28 Apr 2020 02:29 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को गैर-कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को भी वैयक्तिक सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वैयक्तिक सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का तर्कसंगत उपयोग करने का सुझाव दिया जाए ताकि देश के गैर कोविड इलाज वाले क्षेत्रों में कार्यरत सभी चिकित्साकर्मियों को पीपीई किट्स उपलब्ध कराया जा सके।

न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने गैर कोविड उपचार क्षेत्र में कार्यरत सभी चिकित्सकाकर्मियों को पीपीई उपलब्ध कराने के लिये दायर आवेदन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। इससे पहले, पीठ को सूचित किया गया कि भारत में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिनमें कोविड-19 के लक्षण नजर नहीं आते।
विज्ञापन


पीठ ने सोमवार को पारित अपने आदेश में कहा कि हमें आवेदक के सुझाव में वजन नजर आता है। इस तथ्य के मद्देनजर हम केन्द्र सरकार को इस विषय पर गौर करने और वैयक्तिक सुरक्षा उपकरण के तर्कसंगत उपयोग के दिशानिर्देशों में आवश्यक सुझाव शामिल करने का निर्देश देते हैं ताकि गैर कोविड उपचार वाले क्षेत्रों में कार्यरत सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को पीपीई उपलब्ध कराया जा सके।

पीठ ने इस आवेदन का निबटारा करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में कोर्ट द्वारा आठ अप्रैल को दिया गया आदेश मान्य होगा। न्यायालय ने आठ अप्रैल को कहा था कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला कर रहे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी देश की रक्षा की पहली कतार हैं और इस संक्रमण से ग्रस्त मरीजों का उपचार कर रहे सभी चिकित्साकर्मियों के लिये उचित पीपीई उपलब्ध कराए जाएं।

शीर्ष अदालत ने चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र और सभी राज्य सरकारों को कई अंतरिम निर्देश दिए थे। इनमें अस्पतालों और कोविड-19 से संक्रमित होने के संदेह वाले मरीजों के पृथकवास के लिए बनाए गए स्थानों पर चिकित्कसकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक पुलिस बंदोबस्त करना भी शामिल था।

न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया था कि सरकारें चिकित्सकों, मेडिकल कर्मचारियों और दूसरे सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने या कोई अपराध करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें