सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) की पांच सदस्यीय पीठ द्वारा एनसीएलएटी की ही तीन सदस्यीय पीठ के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणी को हटाने का आदेश दिया है।
तीन सदस्यीय पीठ में सदस्य सेवानिवृत्त जस्टिस जरात कुमार जैन, बविंदर सिंह और विजय प्रताप सिंह शामिल थे। इन तीनों सदस्यों ने ही बड़ी पीठ की टिप्पणी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा, हम आपके साथ हैं। हम अनुचित टिप्पणियां सीधे हटा देंगे। वरिष्ठ वकील द्वारा इस पर सहमति जताने पर पीठ ने एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ पर की गई पांच सदस्यीय पीठ की अनुचित टिप्पणी को हटाने का आदेश दिया।
दरअसल, तीन सदस्यीय पीठ ने 25 सितंबर 2020 को आए एक फैसले को लेकर सवाल उठाया था। जिसके बाद पांच सदस्य पीठ ने कहा था कि वह फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप है। अपने फैसले में पांच सदस्यीय पीठ ने तीन सदस्यीय पीठ के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थीं।