सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोविड -19 स्थिति के मद्देनजर कानूनी मंचों के समक्ष मामलों में अपील, याचिका या सूट दाखिल करने की समय-सीमा में दी गई छूट को समाप्त कर दिया। हालांकि 15 मार्च 2021 से सभी व्यक्तियों को याचिकाएं या आवेदन, मुकदमे या अपील दायर करने के लिए न्यूनतम 90 दिनों का समय दिया गया है।
चीफ जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि 27 मार्च 2020 को पारित आदेश ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया है और सभी अदालतें अब आभासी या फिजिकल तरीके के माध्यम से काम कर रही हैं। महामारी से संबंधित बदलते परिदृश्य को देखते हुए, सीमा का विस्तार समाप्त हो जाना चाहिए।
अदालत ने पिछले वर्ष मार्च में कोविड -19 वायरस के कारण देश के उत्पन्न स्थिति पर संज्ञान लिया था और अपील दायर करने की समय सीमा में छूट दी थी। साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश भी की थी कि वकीलों या वादियों को संबंधित अदालतों या न्यायाधिकरणों में मुकदमा दायर करने के लिए शारीरिक रूप से हाजिर न होना पड़े।