बिलकिस बानो मामले के 11 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें दोषियों ने आत्मसमर्पण करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी। दोषियों द्वारा आत्मसमर्पण करने का समय 21 जनवरी को समाप्त हो रहा है।
गुजरात सरकार को लगी थी फटकार
वकील ने किया सुनवाई का अनुरोध
कुछ दोषियों की ओर से वरिष्ठ वकील वी चिंबरेश पेश हुए थे। उन्होंने 21 जनवरी को आत्मसमर्पण की समयसीमा का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत से शुक्रवार को मामले पर सुनवाई का अनुरोध किया था। जिन पांच दोषियों ने उच्चतम न्यायालय ने राहत मांगी है, उनमें गोविंद नाई, प्रदीप मोरधिया, बिपिन चंद्र जोशी, रमेश चंदना और मितेश भट्ट शामिल हैं।
बिलकिस बानो के दोषी पुलिस निगरानी में : अधिकारी
गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि 2002 के बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामले के सभी दोषी पुलिस निगरानी में हैं, वे लापता नहीं हुए हैं। दाहोद जिले की सहायक पुलिस अधीक्षक बिशाखा जैन ने कहा कि जब से सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया (8 जनवरी को, गुजरात सरकार की ओर से दी गई छूट को रद्द कर दिया) तब से वे पुलिस की निगरानी में हैं। हमने उस दिन ही उन सभी से संपर्क किया और ऐसा नहीं लगा कि उनका जाने का कोई इरादा था। दोषी दाहोद के सिंगवाड तालुका के सिंगवाड और रंधिकपुर गांवों के हैं।