सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गायिका नेहा सिंह राठौर को राहत देने से इनकार कर दिया और उनकी याचिका खारिज कर दी। नेहा राठौर ने उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने नेहा राठौर की याचिका खारिज करते हुए उनसे कहा कि वे जाकर मुकदमे का सामना करें। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है।
उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की थी याचिका
जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस कुलदीप बिश्नोई की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस समय वह विद्रोह के आरोप (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने) के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। नेहा राठौर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के उस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था जिसमें एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
नेहा राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर किया था पोस्ट
नेहा सिंह राठौर ने पहलागाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा और पीएम मोदी पर टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में अप्रैल में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ। नेहा राठौर ने एक्स (X) पर पोस्ट किया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी बिहार आए ताकि पाकिस्तान को धमका सकें और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बटोर सकें। उन्होंने यह भी लिखा था कि आतंकियों को ढूंढने और अपनी गलती मानने के बजाय बीजेपी देश को युद्ध की तरफ धकेलना चाहती है। पुलिस ने नेहा राठौर के खिलाफ भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट कर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया।
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लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में अभय प्रताप सिंह नामक व्यक्ति ने नेहा राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने राठौर पर धार्मिक आधार पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने की बार-बार कोशिश करने का आरोप लगाया था।