घटना में शामिल पवन गुप्ता (22) पेशे से एक फल बेचने वाला था। पवन अपने काम के साथ ग्रेजुएशन की तैयारी भी कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो तिहाड़ जेल के नंबर दो में अपने साथियों के साथ रहा है। पवन गुप्ता ने भी विनय शर्मा के साथ संगीत कार्यक्रम में होने की बात कही थी।
बस की सफाई का काम करने वाला मुकेश (29) भी इस बर्बरता का मुख्य आरोपी है। उसने गैंगरेप के बाद निर्भया पर लोहे की रॉड से हमला किया था। ये राम सिंह का छोटा भाई था। मुकेश ड्राइविंग और क्लीनर का काम करता था। मुकेश दक्षिणी दिल्ली के रविदास झुग्गियों में राम सिंह के साथ ही रहता था।
बिहार का रहने वाला अक्षय अपनी पढ़ाई छोड़कर दिल्ली भाग आया था। अक्षय जेल में रहने के दौरान खबरों में आया था। उसके मुताबिक जेल में उसकी जान को खतरा है और इसलिए उसने सुरक्षा की मांग उठाई थी। अक्षय घटना के 5 दिन बाद उसके गांव (बिहार) से पकड़ा गया था।
गैंगरेप के दौरान राम सिंह के अलावा विनय शर्मा (23) ने भी बस चलाई थी। ये पेशे से एक फिटनेस ट्रेनर था। इसने तिहाड़ में ही यूनिवर्सिटी के एग्जाम की तैयारियां कर रहा था। चौंका देने वाली बात है कि विनय ने भी राम सिंह की तरह खुद को मारने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। बता दें कि राम सिंह का पड़ोसी था।
उल्लेखनीय है कि इस केस में छह आरोपियों को धर-दबोचा गया था, जिनमें से एक की जेल में ही मौत हो गई थी। वहीं एक नाबालिग था, जिसे रिहा कर दिया गया। बता दें कि मुख्य दोषी राम सिंह माना गया था, जोकि वारदात की रात बस चला रहा था। उसने जेल के अंदर ही खुद को फांसी लगा ली थी।