फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bombay HC: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पूर्व जज की याचिका, बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलने की थी मांग

Thu, 03 Nov 2022 12:23 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने एक पूर्व जज की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, ये मुद्दा कानून निर्माताओं  को तय करना है। इसे यहां लाने के लिए आपके पास किस मौलिक अधिकार का पूर्वाग्रह  है?
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर महाराष्ट्र हाईकोर्ट करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 

विज्ञापन


जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने एक पूर्व जज की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, ये मुद्दा कानून निर्माताओं को तय करना है। कोर्ट ने पूछा, आपके पास इसे यहां लेने का कौन सा मौलिक अधिकार है? 

26 वर्षों तक जज के रूप में काम कर चुके ठाणे के वीपी पाटिल की ओर से याचिका दायर की गई थी।

पाटिल ने मांग की थी कि अन्य राज्यों के संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे अपने उच्च न्यायालयों के नाम उन राज्यों के नाम के अनुसार बदलें, जहां वे स्थित हैं।
विज्ञापन


महाराष्ट्र के लोगों की विशिष्ट संस्कृति, विरासत और परंपराओं के संरक्षण के लिए वीपी पाटिल ने 'महाराष्ट्र अनुकूलन कानून आदेश, 1960' (राज्य और समवर्ती विषय) के एक खंड के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी। 

पाटिल का कहना था कि महाराष्ट्र शब्द का उच्चारण एक महाराष्ट्रीयन के जीवन में विशेष महत्व को दिखाता है और इसके इस्तेमाल को उच्च न्यायालय के नाम पर भी अभिव्यक्ति मिलनी चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें