सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में मुंबई के एक पत्रकार को अग्रिम जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। 22 वर्षीय एक महिला ने पत्रकार के खिलाफ दुष्कर्म का का मुकदमा दर्ज कराया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए अहम बात कही है।
न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अवकाशकालीन पीठ ने शिकायतकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए कहा, 'हमें दखल देने की कोई वजह नजर नहीं आई। विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है।'
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में पत्रकार वरुण हिरेमथ को 13 मई को अग्रिम जमानत दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने 20 फरवरी को दिल्ली की चाणक्यपुरी में एक पांच सितारा होटल में उससे बलात्कार किया था। हिरेमथ ने 12 मार्च को यहां एक निचली अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा-50 दिन फरार रहा आरोपी
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि आरोपी पहले 50 दिन तक फरार रहा था और उसने गैर जमानती वारंट भी नजरअंदाज किए थे।
सुप्रीम कोर्ट-इंसान के सामान्य आचरण व व्यवहार का सवाल
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, 'सवाल इंसान के सामान्य आचरण और व्यवहार का है। अगर कोई पुरुष तथा महिला एक कमरे में हैं और पुरुष कोई आग्रह करता है तथा वह उसे मान लेती है तो क्या हमें और कुछ कहने की जरूरत है? हम जो भी कह रहे हैं वह केवल अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग तक सीमित है और हम इस स्तर पर सहमति का व्यापक सवाल नहीं उठा रहे हैं।'
महिला ने कई बार 'ना' कहा था
वरिष्ठ वकील ने कहा कि महिला ने कई बार 'ना' कहा था लेकिन आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। याचिका में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं करने के बावजूद एक दिन के लिए भी न्यायिक पूछताछ का सामना नहीं किया। उच्च न्यायालय द्वारा छह अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दिए जाने के बाद आरोपी जांच अधिकारियों के समक्ष पेश हुआ।
आरोपी के वकील ने कहा-दोनें के बीच यौन संबंध रहे
आरोपी की ओर से पेश वकील ने निचली अदालत में दावा किया था कि शिकायकर्ता और पत्रकार के बीच यौन संबंध रहे हैं। आरोपी के वकील ने दोनों के बीच प्रेम प्रसंग दिखाने के लिए निचली अदालत में व्हाट्सएप तथा इंस्टाग्राम पर उनकी चैट भी दिखाई।
निचली कोर्ट ने यह दलील देकर अग्रिम जमानत नहीं दी थी
निचली अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि शिकायकर्ता के आरोपी के साथ पूर्व के अनुभव सहमति के तौर पर नहीं माने जा सकते और अगर अदालत में महिला कहती है कि उसकी सहमति नहीं थी तो यह माना जाएगा कि उसकी रजामंदी नहीं थी।
दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में है केस दर्ज
बता दें, 22 साल की पुणे की एक मॉडल ने पत्रकार के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला की शिकायत के आधार पर यहां चाणक्यपुरी पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाने) और 509 (किसी महिला का शील भंग करने के इरादे वाला शब्द, भाव भंगिमा या कार्य करना) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई।