सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशक संजय लील भंसाली की फिल्म पद्मावती के रिलीज पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। बता दें इस फिल्म का क्षत्रिय समाज शुरू से ही विरोध कर रहा है।
याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने अभी तक पद्मावती को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है, यह एक स्वतंत्र निकाय है और इसलिए कोर्ट को उसके अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
फिल्म के विरोध में बीजेपी नेता और सांसद साक्षी महाराज ने भी बयान देते हुए कहा था कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा था कि जिस तरह पद्मावती, महारानी, मां, हिंदू और किसानों का मजाक बनाया जा रहा है, सरकार और प्रशासन को पता होना चाहिए कि यह गलत हो रहा है और फिल्म पद्मावती को पूरी तरह बैन किया जाना चाहिए।
Supreme Court dismisses petition filed against release of the film #Padmavati pic.twitter.com/RVBeSsO3ZZ
— ANI (@ANI) 10 November 2017
While dismissing the petition, Supreme Court said that the Censor Board has not yet issued certificate to #Padmavati , it is an independent body and therefore SC should not intervene in their jurisdiction
— ANI (@ANI) 10 November 2017
फिल्म पर आरोप हैं कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। फिल्म का सबसे ज्यादा विरोध राजस्थान में हो रहा है। साक्षी ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को अस्मिता और राष्ट्र से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा चाहिए। वह इसके लिए नंगे होने के साथ-साथ कुछ भी कर सकते हैं।'