फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: 'दो महीने के भीतर अध्यक्ष और दो सदस्य नियुक्त करे DERC'; अदालत ने दिल्ली सरकार को दिए निर्देश

Fri, 29 May 2026 05:14 PM IST
अमन तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दो महीने के भीतर दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि चयन समिति जल्द से जल्द इन पदों को भरे ताकि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं और विवादों का समय पर निपटारा हो सके।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार की चयन समिति से कहा है कि वह दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) में अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति दो महीने के भीतर सुनिश्चित करे।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। पीठ ने दिल्ली की भाजपा सरकार की उस अधिसूचना को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें तीन खाली पदों को भरने के लिए एक खोज और चयन समिति बनाने की बात कही गई है। यह समिति पिछले निर्देशों के पालन में 27 मई को बनाई गई थी।

अदालत ने चयन समिति को निर्देश दिया कि वह दो महीने की अवधि में अध्यक्ष और दो सदस्यों का चुनाव पूरा करे। इसके साथ ही सरकार को दो महीने बाद एक अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करना होगा। इस मामले पर अगली सुनवाई दो महीने बाद होगी। 'एनर्जी वॉचडॉग' नामक एनजीओ की ओर से पेश वकील प्रणव सचदेवा ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि ये नियुक्तियां एक महीने के भीतर की जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीईआरसी पिछले एक साल से कानूनी फैसले लेने का अपना काम नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन


डीईआरसी दिल्ली में बिजली क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली एक वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य काम बिजली की दरें तय करना, बिजली कंपनियों को लाइसेंस देना और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। इसके अलावा यह उपभोक्ताओं और बिजली प्रदाताओं के बीच विवादों को भी सुलझाता है।

ये भी पढ़ें: डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट नीति का असर: बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर, 335 संदिग्ध हिरासत में; प्रशासन अलर्ट मोड पर

याचिका में कहा गया कि डीईआरसी की वर्तमान स्थिति कानून के खिलाफ है। इसमें केवल दो अस्थायी सदस्य काम कर रहे हैं। आयोग में न तो कोई अध्यक्ष है और न ही कोई कानूनी विशेषज्ञ सदस्य है। बिजली अधिनियम 2003 और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के अनुसार, आयोग में एक न्यायिक सदस्य का होना अनिवार्य है।
विज्ञापन


अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) उमेश कुमार के जुलाई 2025 में रिटायर होने के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है। याचिका के अनुसार, न्यायिक सदस्य न होने से उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार ने पिछले साल अगस्त में नियुक्तियां जल्द करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। कोर्ट ने अब सरकार को इन नियुक्तियों को जल्द पूरा करने का सख्त आदेश दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें