सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की याचिका को छह हफ्ते के भीतर निपटारा करने केलिए कहा है। राष्टï्रीय सुरक्षा अधिनियम(रासुका) के तहत नौ महीने से हिरासत में रखे जाने को कमलेश तिवारी ने चुनौती दी है। पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण कमलेश को हिरासत में लिया गया था।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी नग्गपन की पीठ ने हाईकोर्ट को कमलेश तिवारी की हैबियस कॉरपस(बंदी प्रत्यक्षीकरण) की याचिका को चार हफ्ते के भीतर निपटाने के लिए कहा है। पीठ ने गौर किया कि महीने से याचिका लंबित है।
याचिकाकर्ता ने पीठ ने कहा कि उसे गैरकानूनी तरीके से हिरसत में रखा गया है और हाईकोर्ट उसकी हैबियस कॉरपस(बंदी प्रत्यक्षीकरण) की याचिका पर विचार नहीं कर रहा है। जिस पर पीठ ने कहा कि अगर हम हाईकोर्ट को यह कह रहे हैं कि याचिका का निपटारा चार हफ्ते में किया जाए, इसका मतलब हाईकोर्ट इस अवधि तक फैसला देना होगा।
मालूम हो कि सपा नेता आजम खान द्वारा आरएसएस के खिलाफ कथित तौर पर दिए गए आपत्तिजनक बयान केअगले दिन कमलेश तिवारी ने पैगम्बर मोहम्मद केखिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था।