कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सीएस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है और अपने फैसले को बरकार रखा है। इससे ये साफ हो गया है कि जस्टिस कर्णन को छह महीने तक सलाखों के पीछे ही रहना पड़ेगा। जस्टिस कर्णन को बड़ी मश्कत के बाद कोलकाता पुलिस ने धर-दबोचा है।
SC declined hearing on Justice Karnan's bail plea and a recall of earlier SC order
— ANI (@ANI_news) July 3, 2017
अपनी याचिका में जस्टिस कर्णन ने कोर्ट से गुजारिश की और कहा कि दोबारा उन सात जजों की पीठ को बैठाया जाए, जिन्होंने उन्हें न्यायलय की अवमानना का दोषी माना है। उन्होंने कहा कि फिर से मामले की सुनवाई की जाए।
सजा के ऐलान के बाद उन्हें तमिलनाडु के कोयंबतूर स्थित एक रिजार्ट से गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता लाया गया। लेकिन जेल पहुंचते ही जस्टिस कर्णन ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही। हालांकि, बाद उन्हें वापल जेल भेज दिया गया।
दरअसल, जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 20 जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने एक शिकायत भी की थी। उन्होंने सीबीआई को इस शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने इसे अदालत की अवमानना बताया था।