भारत में 5.5 करोड़ से भी ज्यादा एलजीबीटी युवा रहते है। यह आंकड़े आउट नाओ कंसल्टिंग कंपनी द्वारा जारी किए गए हैं। यह कंपनी एक तरह की मार्केटिंग एजेंसी है, जो कि गे और लेस्बियन उपभोक्ताओं की बिजनेस टार्गेट में मदद करती है।
कंपनी का कहना है कि पेय पदार्थ ब्रांड और ट्रैवल कंपनियां इस समुदाय को कोर्ट के फैसले के बाद से ही टार्गेट कर रही हैं। एलजीबीटी बार, क्लब और कैफे से रोजगार के नए मार्ग खुल रहे हैं। ऐसा ही एक कारोबार करते हैं मुंबई के रहने वाले नक्षत्र बागवे। वह बैकपैक ट्रैवल नाम की कंपनी चलाते हैं जो कि विशेष रूप से इस समुदाय के लिए ट्रिप का आयोजन करती है।
अब कानूनी रूप से समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बाद इस तरह के कारोबार में बढ़ोतरी होगी। वहीं एक समलैंगिक का तो यह तक कहना है कि उसने अपना हैंडबैग और कपड़ों का एक स्टोर खोला था।
जिसे 2013 में ही उसके मकान मालिक ने बंद करवा दिया। उसने कहा कि सरकार ने अब समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। जिसके कारण अब वह भी आजाद महसूस कर रही हैं। और जल्द ही अपना स्टोर दोबारा खोलेंगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 6 सितंबर को समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। जिसे धारा 377 के तहत अपराध माना जाता था।