फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जज के घर छापेमारी की सुप्रीम कोर्ट ने की निंदा, CBI को मांगनी पड़ी माफी

Tue, 05 Dec 2017 05:09 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
विज्ञापन
supreme court
विज्ञापन
जजों के नाम पर कथित रिश्वत मांगने के मामले में ओडिशा हाईकोर्ट के जज सीआर दास के घर छापे मारने की कोशिश पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की कड़ी निंदा की है। इससे पहले सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि गलती से ऐसा हो गया था। सीबीआई ने कहा कि वह इस गलती के लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और जज सीआर दास से माफी मांग चुकी है और दोनों ने ही माफीनामे को स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सीबीआई जैसी जांच एजेंसी से इस तरह की गलती की उम्मीद नहीं की जा सकती। पीठ ने कहा कि  मौजूदा जज के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह अनुचित है। सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गलती से ऐसा हो गया था।

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित जज सीआर दास से माफी मांग ली थी और उन्हें माफी दे दी गई। उन्होंने कहा कि इस मसले को अब विराम लगा देना चाहिए, क्योंकि सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य न्यायाधीश से मिलकर यह बता दिया कि किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ था।
विज्ञापन


पढ़ें: रिटायर्ड जज के घर छापेमारी पर कोर्ट ने CBI, केंद्र और राज्य सरकार को भेजा नोटिस

सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी सवाल किया कि छापेमारी के लिए पहुंचे सीबीआई अधिकारियों को निवास पर लगा नेम-प्लेट देखना चाहिए था। पीठ ने हाईकोर्ट की ओर से पेश वकील को यह पता लगा कर बताने के लिए कहा है कि मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति दास ने सीबीआई के माफीनामे को स्वीकार किया है या नहीं?

क्या है मामला
सीबीआई ने सेवानिवृत्त जज आईएस कुदैशी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया था। 19 सितंबर को सीबीआई की टीम जस्टिस सीआर दास के निवास पर छापेमारी के लिए पहुंची। इस पते पर सात वर्ष पहले जस्टिस कुदैशी रहते थे। यह पता चलने पर कि जस्टिस कुदैशी पहले इस पते पर रहते थे, सीबीआई की टीम फौरन वहां से निकल गई।

पीठ ने मेहता से पूछा कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति सीआर दास ने किस तरह सीबीआई की माफी को स्वीकार किया और पूछा कि माफीनामा स्वीकार करने का प्रमाण क्या है। इसके जवाब में मेहता ने कहा कि वह हलफनामे के जरिए विस्तृत जानकारी देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें