नए कृषि कानूनों पर गठित सुप्रीम कोर्ट की कमेटी आंदोलनरत किसान संगठनों से उनकी राय जानने के लिए खुद उनके पास पहुंचेगी। कमेटी जल्द ही किसान संगठनों से मिलने का समय मांगेगी।
सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट देने से पहले समिति सभी पक्षों की राय लेगी। मंगलवार को हुई तीन सदस्यीय कमेटी की पहली बैठक के बाद 21 जनवरी से किसान संगठनों से राय लेने का सिलसिला शुरू होगा।
पहली बैठक में तैयार हुई रूपरेखा
घनवट ने बताया कि बैठक में भावी कार्ययोजना तैयार की गई। हम कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों और कानून के समर्थकों और विरोधियों की राय जानेंगे। कमेटी राज्य विपणन बोर्ड, किसान उत्पादक संगठन और अंत में समय मिलने पर राज्य सरकारों से बात करेगी। हम एक पोर्टल तैयार कर मामले से जुड़े लोगों की ऑनलाइन राय भी लेंगे। समय की कमी के कारण कमेटी वर्चुअल रूप से भी पक्षों की राय लेगी।
कई राज्यों का दौरा करने की योजना
बैठक में कमेटी के पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, मध्यप्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों का दौरा करने पर सहमति बनी। कमेटी किसानों की मौजूदा स्थिति और उसका कारण बताने के साथ, समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी ओर से सिफारिश करेगी।