मनोरोगियों की देखभाल वाली दोनों पहल का किया जाए एकीकरण: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करने और उनके पुनर्वास के लिए केंद्र की दो पहलों ‘टेली मानस’ और ‘मनो आश्रय’ के एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘टेली-मानस’ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक पहल है, जिसे 10 अक्तूबर 2022 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर लॉन्च किया गया था। इसके तहत कोई भी टोल फ्री नंबर डायल कर सलाहकार से संपर्क कर सकता है।
वहीं, ‘मनो आश्रय’ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का एक डैशबोर्ड है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य विकार वाले रोगियों के लिए पुनर्वास घरों /हाफ-वे होम्स का विवरण, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भौगोलिक स्थानों के साथ उनके रहने और मिलने वाली सुविधाओं का विवरण होता है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष मनो आश्रय पहल की एक प्रस्तुति दिखाई गई। जिसके बाद पीठ ने कहा, मनोरोगियों को प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए दोनों पहलों का उचित एकीकरण करने की जरूरत है।
पीठ ने दोनों मंत्रालयों से इन्हें साथ करने और आगे बढ़ाने पर प्रस्तुति देने के लिए कहा गया। पीठ ने कहा, चूंकि आगे बढ़ने के लिए दोनों मंत्रालयों के साथ उचित सहयोग की जरूरत होगी, हम एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान से दोनों मंत्रालयों के साथ सचिव स्तर पर मामले को उठाने का अनुरोध करते हैं। पीठ ने दोनों मंत्रालयों से अगली सुनवाई पर एक प्रस्तुति देने को कहा। पीठ इस मामले में चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगी।
रैन बसेरे मामले में केंद्र, दिल्ली को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने बेघरों के लिए किसी भी आश्रय को हटाने या स्थानांतरित करने से पहले अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार व अन्य से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया था कि सरकार की एक एजेंसी के बनाए आश्रयों को उसकी दूसरी शाखा हटाने की मांग कर रही है। जस्टिस एसके कौल, जस्टिस ए अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अब 5 अप्रैल को सुनवाई होगी। दिल्ली निवासी सुनील कुमार अलेदिया ने याचिका में कहा कि डीडीए ने यमुना बाढ़ के मैदानों की बहाली और कायाकल्प शुरू कर दिया है और क्षेत्र में स्थित 14 रैन बसेरे ध्वस्त होने के कगार पर हैं। 15 फरवरी को सराय काले खां बस टर्मिनल के पास स्थित रैन बसेरों में से एक को अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया था।