विवादों की वाद-पूर्व अनिवार्य मध्यस्थता से जुड़ी याचिका निस्तारित
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका में भारी संख्या में लंबित मामलों को घटाने के लिए विवादों की वाद-पूर्व मध्यस्थता के उद्देश्य से केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली एक याचिका का सोमवार को निस्तारण कर दिया। वाद-पूर्व मध्यस्थता अदालत का रुख करने से पहले या वाद दायर करने या एक नोटिस भेजने से पहले पक्षों के बीच विवाद का एक न्यूट्रल (तटस्थ) तीसरे पक्ष (मध्यस्थ) की मदद से सौहार्द्रपूर्ण हल की कोशिश करना है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह जाहिर है कि जो कुछ शामिल करने का अनुरोध किया गया है वह सांविधिक प्रावधानों से संबद्ध है और मध्यस्थता विधेयक 2023 को लोकसभा ने पारित किया है। इसलिए हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे क्योंकि यह विधायिका के कार्यक्षेत्र का विषय है।