दिवाली से पहले एक बार फिर पटखों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटाखों पर सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में प्रतिबंध लगाए जाने पर सवाल उठाया है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पटाखों पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाए जाने की बात पर जोर देते हुए कहा कि अगर एनसीआर के लोगों को साफ हवा का अधिकार है, तो बाकी शहरों के लोगों को क्यों नहीं? उन्होंने साफ कहा कि पटाखों को लेकर कोई भी नीति पूरे देश के लिए एक जैसी होनी चाहिए।
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पिछले कुछ वर्षों में पटाखों को लेकर सख्त नियम
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली और एनसीआर में दिवाली से पहले पटाखों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाते रहे हैं। जैसे पूरे साल का प्रतिबंध, कुछ जगहों पर कुछ घंटों के लिए छूट और बिक्री-भंडारण पर सख्त नियम। इससे पहले 19 दिसंबर 2024 को दिल्ली सरकार ने सालभर के लिए पटाखों पर पूरी तरह से बैन लगाया।
इसके बाद 17 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के एनसीआर इलाकों में भी बैन बढ़ा दिया। फिर 3 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने कहा कि यह बैन पूरे साल रहेगा, ग्रीन पटाखों को भी छूट नहीं मिलेगी अंत में मई 2025 कोर्ट ने आदेश के पालन की सख्त हिदायत दी और कहा कि अगर पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।