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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने गब्बर सिंह के खिलाफ एफआईआर रद्द की, प्रक्रिया में गंभीर खामियों का दिया हवाला

Sun, 22 Mar 2026 03:49 AM IST
Shivam Garg राजीव सिन्हा, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के गैंगस्टर गब्बर सिंह के खिलाफ 28 मई 2022 को दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया में कमी से एफआईआर अवैध मानी जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कानून किसी काम को करने का तरीका निर्धारित करता है, तो उसे उसी प्रकि्रया से करना जरूरी होता है, अन्यथा वह मान्य नहीं होगा। इस टिप्पणी के साथ शीर्ष अदालत ने गब्बर सिंह उर्फ देवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी। कहा, कानून का पालन हर हाल में जरूरी है। गब्बर सिंह पर जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी, धमकी व अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।

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जस्टिस संजय कुमार व जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा, गब्बर के मामले में गैंग चार्ट तैयार करने और उसे आगे भेजने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं, जिससे पूरी एफआईआर ही अवैध हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गैंग चार्ट को वैध बनाने के लिए तय प्रक्रिया है। इसके तहत, पहले थानाध्यक्ष और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की सिफारिश जरूरी है। फिर पुलिस अधीक्षक व डीएम विचार करते हैं और संयुक्त बैठक में इसे मंजूरी देते हैं।

अंत में सभी संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर होने चाहिए। गैंग चार्ट पर जरूरी अफसरों की सिफारिश व हस्ताक्षर नहीं थे।  इस मामले में एफआईआर 28 मई 2022 को बहराइच में दर्ज की गई थी। गब्बर एफआईआर रद्द करवाने हाईकोर्ट पहुंचा था। राहत न मिलने पर शीर्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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स्वतंत्रता दांव पर हो, तो सतर्कता बहुत जरूरी
किसी व्यक्ति को गैंगस्टर घोषित करने के गंभीर नतीजे होते हैं, इसलिए तय प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर तब, जब व्यक्ति की स्वतंत्रता दांव पर हो, जो सभी के लिए अनमोल है और जिसका उल्लंघन सिर्फ कानून के अनुसार ही किया जा सकता है। -सुप्रीम कोर्ट
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