भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के व्यवस्थाओं में बदलाव करने का फैसला लिया है। जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट की पीठें अब से मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को आंशिक रूप से सुने गए नियमित और अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई कर सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिसके तहत अब पीठें मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को आंशिक रूप से सुने गए नियमित और अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई कर सकती हैं। बात अगर पहले की व्यवस्था की करें तो सुप्रीम कोर्ट की पीठें मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को नियमित मामलों की सुनवाई करती थीं जिन्हें गैर-विविध दिन कहा जाता था। वहीं सोमवार और शुक्रवार को विविध दिन होते थे जब नए मामलों और नोटिस के बाद आने वाले मामलों की सुनवाई होती थी।
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अत्यावश्यक मामलों के लिए दिन
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना ने नोटिस के बाद के मामलों की लंबितता को कम करने के लिए हाल ही में व्यवस्था में बदलाव किया है। जिसके तहत अब मंगलवार बुधवार और गुरुवार को स्थानांतरण याचिकाओं, जमानत मामलों और अन्य विविध मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा इन दिनों कोई नियमित मामला नहीं सुना जाएगा।
मामलों की लंबितता कम करने की पहल
सर्वोच्च न्यायालय के सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव मुख्य रूप से नोटिस के बाद के मामलों की लंबितता को कम करने के लिए किया गया है। जानकारी के अनुसार अगर जरूरत पड़ी तो इस व्यवस्था की समीक्षा दिसंबर 2024 में या उससे पहले की जाएगी। बता दें कि अभी तक नोटिस के बाद मामले कुल 37,317 हैं जिसमें 20,930 मुख्य और 16,387 जुड़े हुए मामले शामिल हैं। वहीं नियमित मामलों की संख्या लगभग 21,639 है, जिसमें 10,988 मुख्य और 10,651 जुड़े हुए मामले हैं।