सुप्रीम कोर्ट ने अमीर एससी-एसटी अधिकारियों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी में प्रोन्नति में भी आरक्षण देने पर सवाल उठाया है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने पूछा कि जिस तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अमीर लोगों को क्रीमी लेयर के सिद्धांत के तहत आरक्षण के लाभ से वंचित रखा जाता है, उसी तरह एससी-एसटी के अमीरों को प्रोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
पीठ ने कहा, शुरुआती स्तर पर आरक्षण में कोई दिक्कत नहीं है। मान लीजिए, यदि कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ उठाकर राज्य का मुख्य सचिव बन जाता है तो क्या यह जायज होगा कि उसके परिवार के सदस्यों को भी पिछड़ा मानकर प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाए।
दिनभर चली बहस में अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकीलों इंदिरा जयसिंह, श्याम दीवान, दिनेश द्विवेदी तथा पीएस पटवालिया ने एससी-एसटी वर्ग को प्रोन्नति में आरक्षण दिए जाने की वकालत की। मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।