फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को झटका, सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर विचार से इनकार

Fri, 01 Mar 2024 12:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीठ ने आसाराम से कहा कि वह माधवबाग हार्ट हॉस्पिटल में अपने इलाज के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दाखिल करें। इस पर कानून के अनुसार विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सेहत के आधार पर सजा निलंबित करने की मांग वाली स्वयंभू बाबा आसाराम बापू की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने आसाराम को पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के अस्पताल में इलाज कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का रुख करने को कहा है।

विज्ञापन


आसाराम की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वह सरकारी वकील के इस बयान को स्वीकार करने को तैयार हैं कि वह महाराष्ट्र के खोपोली में माधवबाग हार्ट हॉस्पिटल में पुलिस हिरासत में इलाज करा सकते हैं। इस पर जस्टिस संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने राहत के लिए उसे राजस्थान उच्च न्यायालय जाने को कहा।

पीठ ने आसाराम से कहा कि वह माधवबाग हार्ट हॉस्पिटल में अपने इलाज के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दाखिल करें और इस पर कानून के अनुसार विचार किया जाएगा। न्यायमूर्ति खन्ना ने मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी अपील की सुनवाई में देरी करने के लिए आसाराम की ओर से किए गए जानबूझकर किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया।
विज्ञापन


क्या है मामला?
2018 में स्वयंभू बाबा को जोधपुर की विशेष POCSO कोर्ट ने दुष्कर्म सहित विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया था। उसे बची हुई जिंदगी के लिए कारावास की सजा सुनाई गई थी। आश्रम में एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में इंदौर में गिरफ्तार किए जाने और फिर जोधपुर लाए जाने के बाद वह 2 सितंबर 2013 से हिरासत में है। किशोरी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 15 अगस्त 2013 की रात आसाराम ने उसे जोधपुर के पास मणाई स्थित अपने आश्रम में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें