अलवर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से तीन हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है। वहीं, कोर्ट ने गोरक्षा मामले में कर्नाटक को भी नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 3 मई तक टाल दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने राजस्थान, गुजरात, झारखंड और उत्तर प्रदेश से गोरक्षा से संबंधित याचिका पर डीटेल में जवाब मांगा है। इसके बाद राजस्थान सरकार ने गृहमंत्रालय को जवाब दे दिया।
Rajasthan government has sent report to Ministry of Home Affairs on Alwar Cow vigilantism incident.
— ANI (@ANI_news) April 7, 2017
बताते चलें कि गुरुवार को इस मामले में राज्सयभा में भी हंगामा हुआ था। विपक्ष ने गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए तो पक्ष ने इसे सिरे से नकार दिया। राज्यसभा के उपसभापति ने इस मामले में राजस्थान सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
राज्यसभा में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने मामले को उठाते हुए कहा कि अलवर में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हुई है। वहीं विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह की कोई घटना अलवर में नहीं हुई हैं। नकवी का कहना था कि मीडिया में जो रिपोर्ट आई है, उस पर राज्य सरकार जवाब दे चुकी है। इसके जवाब में गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि न्यूयॉर्क टाइम्स को मामले की जानकारी है, लेकिन मंत्री को नहीं।
बताते चलें कि पिछले शनिवार की रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अलवर के बहरोड़ के नजदीक पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद कथित गौ-रक्षकों ने इन लोगों के तीन वाहनों को घेर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद इन गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी।