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अलवर की घटना पर SC ने सरकार से मांगा जवाब, राजस्थान ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

Fri, 07 Apr 2017 03:46 PM IST
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
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फाइल फोटो
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अलवर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से तीन हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है। वहीं, कोर्ट ने गोरक्षा मामले में कर्नाटक को भी नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 3 मई तक टाल दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने राजस्थान, गुजरात, झारखंड और उत्तर प्रदेश से गोरक्षा से संबंधित याचिका पर डीटेल में जवाब मांगा है। इसके बाद राजस्थान सरकार ने गृहमंत्रालय को जवाब दे दिया। 
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  Rajasthan government has sent report to Ministry of Home Affairs on Alwar Cow vigilantism incident. — ANI (@ANI_news) April 7, 2017


बताते चलें कि गुरुवार को इस मामले में राज्सयभा में भी हंगामा हुआ था। विपक्ष ने गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए तो पक्ष ने इसे सिरे से नकार दिया। राज्यसभा के उपसभापति ने इस मामले में राजस्थान सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

राज्यसभा में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने मामले को उठाते हुए कहा कि अलवर में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हुई है। वहीं विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस तरह की कोई घटना अलवर में नहीं हुई हैं। नकवी का कहना था कि मीडिया में जो रिपोर्ट आई है, उस पर राज्य सरकार जवाब दे चुकी है। इसके जवाब में गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि न्यूयॉर्क टाइम्स को मामले की जानकारी है, लेकिन मंत्री को नहीं।
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बताते चलें कि पिछले शनिवार की रात को हरियाणा के नूंह निवासी पहलू खान और 15 अन्य लोग गौवंश के साथ जयपुर से हरियाणा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अलवर के बहरोड़ के नजदीक पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद कथित गौ-रक्षकों ने इन लोगों के तीन वाहनों को घेर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद इन गौ-रक्षकों ने कथित गौ-तस्करों के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी। 
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पढ़ें पुलिस और मंत्री ने क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट
मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ के चुंगल से इन लोगों को छुड़ाया और गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पहलू खान की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे आईसीयू में दाखिल कराया। सोमवार रात को पहलू खान ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख अलवर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

पुलिस ने 15 कथित गौ-तस्करों के खिलाफ राजस्थान बोवाइन एनिमल एक्ट 1995 के तहत मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मारपीट करने वाले 200 लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें एक बहरोड़ राजकीय कॉलेज का छात्रसंघ अध्यक्ष विपिन चंद्र यादव भी है।

 राजस्थान के गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि गौ-रक्षकों उन्हें रोका वह तो अच्छा था, लेकिन मारपीट कर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। ​यदि गौ-तस्करी की सूचना या आशंका होती है तो गौ-रक्षक वाहनों को रोक सकते हैं, लेकिन उन्हें किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए। कटारिया का कहना कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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