20 वर्षीय अविवाहित बीटेक छात्रा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एम्स डॉक्टरों की टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्या 29 सप्ताह बाद सुरक्षित तरह से गर्भ गिराया जा सकता है। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एम्स निदेशक को 20 जनवरी को डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं और महिला का चिकित्सकीय परीक्षण कर रिपोर्ट जमा करने को कहा है।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल सितंबर में गर्भपात मामले में बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि महिला चाहें विवाहित हो या अविवाहित सभी को गर्भपात का अधिकार है। आदेश के बाद 24 सप्ताह तक सभी महिलाओं को गर्भपात कराने की इजाजत मिल गई।
क्या है एमटीपी एक्ट?
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट के तहत विवाहित महिलाओं की विशेष श्रेणी, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता व दिव्यांग और नाबालिग जैसी अन्य संवेदनशील महिलाओं के लिए गर्भपात की ऊपरी समय सीमा 24 सप्ताह थी, जबकि अविवाहित महिलाओं के लिए यही समय सीमा 20 सप्ताह थी। कोर्ट ने इसी अंतर को खत्म करने का आदेश दिया था।