सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और राज्यों को चार हफ्ते के भीतर केंद्रीय सूचना आयोग व राज्य सूचना अयोगों में सूचना आयुक्तों की भर्ती की स्थिति बताने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने केंद्र व राज्यों से सूचना आयुक्तों की भर्ती संबंधी वर्ष 2019 के आदेश के अनुपालन के बारे में भी रिपोर्ट तलब की है।
जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पाया कि एक वर्ष पहले केंद्र सरकार ने आखिरी स्थिति रिपोर्ट दाखिल की थी। लिहाजा पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान को फिर से स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर नियुक्तियों की वर्तमान स्थिति और भर्ती के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया।
वर्ष 2019 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सूचना आयुक्तों का पद रिक्त होने के दो महीने पहले से ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। साथ ही सर्च कमेटी को नौकरशाहों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के नामचीन लोगों को भी सूचना आयुक्त नियुक्त करने पर विचार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई कर रही है। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।