आधार मामले में सुप्रीम कोर्ट पिछले कुछ महीनों से सुनवाई कर रहा है। बुधवार को सुनवाई के दौरान आधार कार्ड पर बनी पांच जजों की पीठ के जज अशोक भूषण ने पूछा कि एक राष्ट्र एक पहचान में क्या गलत है?
सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें उस वक्त कही जब पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आधार की वैधता पर बहस के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि यह दवाब नहीं बनाया जा सकता कि मेरे पास आधार नहीं तो मैं भारतीय नहीं हूं। सिब्बल ने कहा कि आधार को अनिवार्य बनाकर देश की जनता को बाध्य किया जा रहा है कि वह अपनी हर सूचना सरकार को दे और सरकार को शक्तिशाली बना दे।
बहस के दौरान सिब्बल ने कोर्ट से पूछा कि क्या आप यह कह रहे हैं कि एक देश में एक पहचान या एक देश एक धर्म में कुछ भी गलत नहीं है? इसके जवाब में जस्टिस ए के सीकरी ने कहा कि आप राजनीतिक तर्कों में न जाएं।
कपिल सिब्बल ने न्यायाधीश सीकरी से कहा कि वह साबित करेंगे कि यह एक कानूनी तर्क है इसका राजनीति से कोई लेना देना नही है। उन्होंने बहस में कहा जिस तरह से केंद्र आम जनजीवन और मूलभूत सुविधाओं को आधार से जोड़ रही है उससे यह साबित होता जा रहा है कि जिसके पास आधार नहीं है वह देश का नागरिक ही नहीं है।