नोटबंदी संविधान के अनुरूप है या नहीं, इस मामले के न्यायिक निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नौ तीखे सवाल पूछे। मामले की सुनवाई करते हुए तीन जजों की बेंच ने कहा कि इसके निर्णय में वक्त लगेगा।
मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता में तीन जजों की पीठ ने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा कि क्या जिला सहकारी बैंकों को कुछ शर्तों के साथ नोटों को स्वीकार करने की अनुमति दी जा सकती है। साथ ही क्या हम बैंको से निकासी की एक न्यूनतम निकासी सीमा तय कर सकते है जिसे बैंक निकालने पर मना नहीं कर सके, न ही कैश खत्म होने का बहाना बना सके।
मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को सुनिश्चित की गई है। कोर्ट ने कहा कि मामले को पांच जजों की बेंच को भी स्थानांतरित किया जा सकता है। नोटबंदी के फायदों और उद्देश्यों की बात करते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि ये फैसला कालेधन के आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है।