सुप्रीम कोर्ट ने कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों के ट्रायल के लिए पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह और वकील राजेश बत्रा को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है।
दरअसल, मामले में विशेष लोक अभियोजक आरसी चीमा ने अपनी बढ़ती उम्र और सहयोग करने वाले लॉ ऑफिसर की कमी का हवाला देते हुए इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया था। इसके बाद केंद्र की ओर से मनिंदर सिंह और राजेश बत्रा के नाम सुझाए गए थे।
चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि किसी नाम को लेकर पक्षकारों के वकीलों में सहमति नहीं है लेकिन वे इस बात पर सहमत थे कि ट्रायल कोर्ट के किसी महारथी व जिनकी कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल न उठाया जा सके, अदालत को वैसे लोगों को एसपीपी नियुक्त करना चाहिए।
इस पर पीठ ने मनिंदर सिंह और राजेश बत्रा को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इनके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चीमा को एसपीपी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। सनद रहे कि आरएस चीमा ने ही अदालत को दो एसपीपी रखने का सुझाव दिया था।