सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने मई 2025 से अब तक 10 राज्यों के 30 उच्च शिक्षण संस्थानों का दौरा कर छात्र मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या से जुड़े मामलों का अध्ययन किया है। इस दौरान 25 हितधारक परामर्श भी हुए। पढ़िए रिपोर्ट-
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स (एनटीएफ) ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम पर अध्ययन के तहत मई 2025 से अब तक 10 राज्यों के 30 उच्च शिक्षण संस्थानों का दौरा किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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अध्ययन को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों के अनुसार, टास्क फोर्स ने इस दौरान 25 हितधारक परामर्श भी किए ताकि विषय को विभिन्न दृष्टिकोणों से समझा जा सके और एक समावेशी व समानता आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
इन परामर्शों में दिव्यांग छात्रों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे, उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव, लैंगिक और मानसिक स्वास्थ्य, छात्र आत्महत्या, एसटी और ओबीसी समुदाय के छात्रों से जुड़े मुद्दे, आत्महत्या को अपराध की श्रेणी से हटाने, छात्र आत्महत्या में लैंगिक पहलू और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े एनजीओ तथा कानून के छात्रों से चर्चा जैसे विषय शामिल रहे।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह टास्क फोर्स देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की जांच के लिए गठित किया था।
एनटीएफ को छात्रों की आत्महत्या के प्रमुख कारणों की पहचान करने, संबंधित कानूनों और नीतियों का विश्लेषण करने तथा संस्थागत ढांचे की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है।
टास्क फोर्स को मौजूदा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने, अधिक समावेशी और सहायक शैक्षणिक वातावरण बनाने तथा हाशिए पर मौजूद समुदायों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की सिफारिशें भी देनी हैं।