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राजीव गांधी के हत्यारे की सजा माफी अर्जी पर राज्यपाल की देरी से सुप्रीम कोर्ट नाराज 

Wed, 04 Nov 2020 03:13 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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एजी पेरारिवलन (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन की सजा माफी की अर्जी तामिलनाडु के राज्यपाल के पास दो वर्ष से लंबित रहने पर नाराजगी जताई है। 

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जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हम अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, लेकिन हम इस बात से खुश नहीं हैं कि सजा माफी की सिफारिश दो वर्ष से लंबित है। हम चाहते हैं कि राज्यपाल आदेश पारित करें। हम जानना चाहते हैं क्या सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर राज्यपाल को इस मामले में फैसला लेने के लिए कह सकता है। याचिकाकर्ता एजी पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर यह मामला उठाया है।


उम्रकैद की सजा काट रहे पेरारिवलन ने राज्यपाल के सामने अनुच्छेद-161 के तहत अर्जी दाखिल की है और सजा में माफी की गुहार लगाई है। पीठ ने पेरारिवलन के वकील गोपाल शंकर नारायणन से पूछा कि राज्यपाल मंत्री परिषद की सलाह पर काम करते हैं और अगर राज्यपाल आदेश पारित नहीं करें तो अदालत किस तरह इस मामले में अधिकार का इस्तेमाल कर सकती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या ऐसे मामलों में राज्यपाल से सुप्रीम कोर्ट फैसला लेने के लिए आग्रह कर सकता है। इस मामले में कानून में क्या प्रावधान है? पीठ ने तमिलनाडु सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल बालाजी श्रीनिवासन से पूछा कि आखिर राज्यपाल इतनी देरी क्यों लगा रहे हैं? इस पर श्रीनिवासन ने कहा कि यह मामला व्यापक साजिश का है और राज्यपाल, सीबीआई की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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