2017 में जयपुर स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के एक छात्र विक्रांत नगाइच की संदिग्ध मौत मामले को बंद करने के राजस्थान पुलिस के प्रयास पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नाराजगी जताई है।
जस्टिस रोहिंग्टन नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राजस्थान पुलिस द्वारा इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने पर नाखुशी जाहिर की। गत आठ जून को शीर्ष अदालत ने राजस्थान पुलिस को दो महीने में इस मामले की जांच करने के लिए कहा था।
मंगलवार को जस्टिस नरीमन की पीठ ने विक्रांत की मां नीतू नगाइच की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें मामले की जांच सीबीआई से कराने की गुहार लगाई गई है। याचिका में कहा गया कि तीन साल बीतने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
पुलिस की जांच लचर है लिहाजा मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी जाए। 14 अगस्त 2017 को विक्रांत का शव कॉलेज के पास स्थित रेलवे लाइन के पास मिला था।