सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी जिसमें गोवा के विधानसभा स्पीकर को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि 10 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला एक महीने के अंदर की जाए। इनमें तीन विधायक ऐसे हैं जो साल 2019 में भाजपा से जुड़े हैं और फिलहाल उनके पास मंत्री पद है। इसे लेकर विधानसभा स्पीरकर को नोटिस भी जारी किया गया है।
यह याचिका गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने दाखिल की थी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने विधानसभा स्पीकर को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। याचिका के मुताबिक स्पीकर ने अयोग्यता का फैसला करने के लिए निर्धारित तीन महीने की समयसीमा का उल्लंघन किया है।
बता दें कि साल 2019 में जुलाई में गोवा में कांग्रेस के 15 विधायकों में से 10 पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए थे। चोडांकर की इस याचिका में कांग्रेस विधायकों के भाजपा में जुड़ने को भी चुनौती दी गई है। इस संबंध में कहा गया है कि पार्टी या गोवा इकाई में कोई विभाजन नहीं था।