फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: 'नमाज हर दिन अदा नहीं कर सकते', तमिलनाडु के दीपम विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Mon, 09 Feb 2026 02:13 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तमिलनाडु की पवित्र थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर पशु बलि और पहाड़ी पर हर दिन नमाज पढ़ने पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है और इसे संतुलित आदेश बताया। आइए जानते हैं कि क्या है ये मामला...
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने थिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीपम विवाद में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकार रखा है और कहा है कि पहाड़ी के नेल्लीथोप्पु इलाके में मुस्लिम रमजान और बकरीद पर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन हर दिन वहां नमाज अदा नहीं कर सकते। थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित नेल्लीथोप्पु इलाके पर सिकंदर बादुशा औलिया दरगाह का मालिकाना हक है। थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की तलहटी में भगवान सुब्रमण्य स्वामी का मंदिर है और इस पहाड़ी को भगवान सुब्रमण्य का घर माना जाता है, जिसके चलते सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के लिए यह पहाड़ी पवित्र है। इस पहाड़ी पर मंदिर के साथ ही एक दरगाह भी है, जिसके चलते यहां नमाज पढ़ने और पशु बलि को लेकर विवाद हो रहा है। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बताया संतुलित
  • बीते साल अक्तूबर में मद्रास हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस इलाके में पशुओं की बलि पर रोक लगा दी थी।
  • हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दरगाह के एक इमाम ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
  • याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वाराले की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट के आदेश को संतुलित आदेश बताया। 
  • बीते साल दिसंबर में मद्रास हाईकोर्ट ने दरगाह के नजदीक दीपाथून जगह पर दीप प्रजवलित करने की इजाजत दी थी। जिसे लेकर खूब विवाद हुआ।
  • हालांकि राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर हाईकोर्ट का आदेश नहीं माना था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की थी।  
  • तमिलनाडु सरकार ने अवमानना आदेश के खिलाफ लेटर पेटेंट अपील दायर की थी, जिसे डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया। 
  • इसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। इसी बीच राज्य सरकार, पुलिस, दरगाह और तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने भी एकल जज के आदेश के खिलाफ डिवीजन बेंच का रुख किया था। 
  • अंततः 6 जनवरी को जस्टिस जी. जयचंद्रन और जस्टिस के.के. रामकृष्णन की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज का आदेश बरकरार रखा।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें- Om Birla: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष, लगाए गंभीर आरोप
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें