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SC Updates: राजनीतिक दलों को चंदे से जुड़ी याचिका पर सरकार को नोटिस; जस्टिस विक्रम नाथ नालसा के कार्यकारी चीफ

Mon, 24 Nov 2025 06:30 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चुनावी बॉन्ड और बैंक ट्रांसफर के जरिये मिलने वाले चंदों पर दी जाने वाली आयकर छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 13ए(डी) की सांविधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। इस धारा में राजनीतिक दलों को मिलने वाला 2000 रुपये नकद से अधिक का चंदा, जो चुनावी बॉन्ड और बैंकिंग चैनल के जरिये दिया जाता है, को आय के दायरे से बाहर रखा गया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया की बात सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। याचिका खेम सिंह भाटी नाम के एक व्यक्ति ने दायर की है। याचिका में तर्क दिया गया है कि राजनीतिक दलों को इन माध्यमों से प्राप्त चंदे पर कर छूट देना सांविधानिक है क्योंकि इससे राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता प्रभावित होती है और समानता के अधिकार का उल्लंघन होता है। साथ ही दावा किया गया है कि इस तरह की कर छूट का लाभ उठाकर राजनीतिक दल भारी मात्रा में ऐसे फंड इकट्ठा करते हैं जिनका स्रोत सार्वजनिक नहीं होता। याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि चुनावी बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त धन पर दी जाने वाली आयकर छूट को असांविधानिक घोषित किया जाए। साथ ही बैंक ट्रांसफर के जरिये प्राप्त राजनीतिक चंदे पर कर छूट की वैधता की समीक्षा की जाए। याचिका में कहा गया है कि चुनावी चंदे से जुड़े प्रावधानों को पारदर्शी तथा सार्वजनिक हित के अनुरूप बनाया जाए।
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जस्टिस विक्रम नाथ नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष तो जस्टिस माहेश्वरी होंगे एससीएलएससी के प्रमुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्रधाधिकरण (नालसा) का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा, सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी (एससीएलएससी) काचेयरमैन नियुक्त किया है। परंपरा के अनुसार, नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष का पद सीजेआई के बाद सबसे सीनियर जज के पास होता है। सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को एससीएलएससी का चेयरमैन नियुक्त किया जाता है। उनकी नियुक्तियां सोमवार से प्रभावी होंगी।

वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली अर्जी पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट आज सोमवार को सोनम वांगचुक की पत्नी की अर्जी पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत को अवैध और उनके अधिकारों का उल्लंघन करने वाली मनमानी कार्रवाई बताते हुए चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने 29 अक्तूबर को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की संशोधित अर्जी पर केंद्र और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांगा था। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ अंगमो की याचिका पर सुनवाई करेगी। वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। इससे दो दिन पूर्व लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों में केंद्र शासित प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 घायल हो गए थे। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। उन्हें राजस्थान में जोधपुर की जेल में रखा गया है। 
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JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद मामले पर सुनवाई
जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद मामले पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (21 नवंबर) को सुनवाई हुई थी। जिसमें अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को तय की थी। शीर्ष अदालत दिल्ली पुलिस की उन सात आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करने वाली दलीलें सुनना जारी रखेगी, जिन्होंने जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।इससे पहले शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि आतंकवाद में शामिल बुद्धिजीवी और भी खतरनाक होते हैं।
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