सप्रीम कोर्ट ने कोलकाता की एक महिला को 23 हफ्तों का गर्भ गिराने की इजाजत दे दी है। गौरतलब है कि कानूनी तौर पर 20 हफ्ते तक के गर्भ को गिराने की मंजूरी है। महिला ने बीते महीने कोर्ट में गर्भ गिराने को लेकर याचिका दायर की थी।
Supreme Court allows Kolkata based woman to abort her more than 23-weeks pregnancy— ANI (@ANI_news) July 3, 2017
महिला की याचिका में कहा गया था कि गर्भ में पल रहा बच्चा कभी न ठीक होने वाली बीमारी से जूझ रहा है। डॉक्टर ने कहा था कि कई सर्जरी के बाद भी बच्चे को ठीक नहीं किया जा सकेगा। साथ ही बच्चे की जिंदगी को भी खतरा बना रहेगा। जिसके बाद कोर्ट ने एक मेडिकल टीम का गठन किया था, जिसमें गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच की।
उल्लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में भी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की रहने वाली एक 22 वर्षीय महिला को 24 हफ्ते के गर्भ को गिराने की इजाजत दी थी।
महिला ने कोर्ट को बताया था कि, गर्भधारण करने के 21 हफ्ते के बाद उसे पता चला कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का कपाल नहीं है। वहीं इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की एक बलात्कार पीड़िता के 24 हफ्ते के गर्भ को भी गिराने की इजाजत दे दी थी।