नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं। जहां वे लगातार रूप से भारत का अंतरिक्ष में योगदान और भविष्य पर खूब बात कर रहीं हैं। इसी बीच गुरुवार को उन्होंने कहा कि आज के दौर में कल्पना ही एकमात्र सीमा है और सपने उतने ही बड़े होते हैं, जितने बड़े हमारे विचार होते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से तकनीक आगे बढ़ रही है, वह उन विचारों को हकीकत में बदल रही है, जो पहले संभव नहीं माने जाते थे।
सुनीता विलियम्स केरल साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए कोझिकोड पहुंची थीं। इस दौरान मीडिया बातचीत में उन्होंने कहा कि आज लोग नए-नए विचार लेकर आ रहे हैं और उन्हें सच कर दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले तकनीक की सीमाओं के कारण कई खोजें रुक जाती थीं, लेकिन अब तकनीक खुद उन कल्पनाओं के पीछे दौड़ रही है।
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भारत से अपने जुड़ाव पर भी बोलीं विलियम्स
इसके साथ ही उन्होंने इस दौरान भारत से अपने जुड़ाव की बात पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए खास है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी जड़ों और संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत आकर वह खुद को सम्मानित और खुश महसूस कर रही हैं।
भारत जल्द ही अंतरिक्ष में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा
इसके अलावा उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर बात भी बातचीत की। विलियम्स ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाएगा और अपने कार्यक्रम को मजबूत करेगा, वह जल्द ही अंतरिक्ष में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।
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संघर्षों से घिरी दुनिया पर भी बोलीं विलियम्स
इतना ही नहीं दुनियाभर में चल रहे संघर्षों को लेकर भी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलयम्स ने खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इंसान खुद अपनी समस्याएं बनाता है, लेकिन उन्हें मिलकर सुलझाया भी जा सकता है। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एकता पर जोर दिया।
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