महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार 6 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नामांकन से पहले बारामती में एक जनसभा भी आयोजित की जाएगी।
यह उपचुनाव उनके पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद हो रहा है, जिनकी इस साल 28 जनवरी को बारामती एयरस्ट्रिप के पास एक विमान दुर्घटना में चार अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी। बारामती सीट पर अजित पवार का लंबे समय तक दबदबा रहा है। वे यहां से आठ बार विधायक चुने गए थे।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भी मौजूद रहने की संभावना है। 2019 के विधानसभा चुनाव में अजित पवार ने रिकॉर्ड 1.65 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 में भी उन्होंने एक लाख से ज्यादा वोटों से सीट बरकरार रखी थी।
दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने इस उपचुनाव में उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है, लेकिन उसकी सहयोगी कांग्रेस ने साफ किया है कि चुनाव को एकतरफा नहीं होने दिया जाएगा। बारामती के अलावा, अहमदनगर (अहिल्यानगर) जिले की राहुरी सीट पर भी 23 अप्रैल को उपचुनाव होगा, जो भाजपा विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के कारण खाली हुई है। दोनों सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर
सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्हें 26 फरवरी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया था। वह वर्तमान में राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।