दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल के भारतवंशी सीईओ सुंदर पिचाई ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को साहसिक बताया है। सुंदर पिचाई ने कहा कि इस फैसले के चलते भारत डिजिटल भुगतान की तरफ बढ़ेगा।
बुधवार को भारत आए सुंदर पिचाई ने कहा कि, 'मैंने अपना पूरा जीवन (डिजिटल) प्लेटफॉर्म बनाते हुए गुजारा है। जब भी आप किसी प्लेटफॉर्म में बदलाव करते है तो उसका असर कई स्तरों पर होता है। भारत जैसे विशाल देश में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और उसे सुचारु रुप से अंजाम देना, काफी फायदेमंद साबित होगा।'
अंग्रेजी अखबार इकॉनामिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक गूगल के सीईओ, सुंदर पिचाई ने कहा कि उनकी कंपनी भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में जरुरी डिजिटल प्रोडक्टस को बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। पिचाई ने कहा कि हम डिजिटल पेमेंट के लिए बने यूपीआई ऐप पर नजर बनाए हुए हैं, साथ ही हम यह भी तय कर रहे हैं कि एंड्रायड समेत तमाम गूगल सर्विसेज कैसे डिजिटलाइजेशन को कैसे बेहतर तरीके से मदद कर सकते हैं।
गूगल की मदद से छोटे कारोबारी मुफ्त में बना सकेंगे वेबसाइट
देश के छोटे उद्यमियों को डिजिटल साक्षर बनाने के साथ उन्हें मार्केटिंग के गुर सिखाने व मुफ्त में उनकी वेबसाइट बनाने के लिए गूगल इंडिया कई कार्यक्रम लेकर आई है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को बताया कि छोटे उद्यमियों को डिजिटल प्रशिक्षण देने के लिए गूगल इंडिया अगले तीन साल में देश के 40 शहरों में 5,000 प्रशिक्षण केंद्र खोलेगी। गूगल ने छोटे उद्यमियों को मार्केटिंग के गुर सिखाने के लिए प्राइमर नामक ऐप भी लांच किया है। इस ऐप को गूगल प्ले और आईओएस ऐप स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
गूगल की मदद से जल्द ही छोटे उद्यमी मुफ्त में अपनी वेबसाइट भी तैयार कर पाएंगे। गूगल ने इसका नामक माई बिजनेस वेबसाइट दिया है। पिचाई के मुताबिक माई बिजनेस वेबसाइट अभी अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, तेलुगू, मराठी, तमिल, उर्दू, गुजराती, कन्नड़ व मलयालम भाषा में उपलब्ध होगी। पिचाई ने कहा कि गूगल भारत के 5.1 करोड़ छोटे व मझोले कारोबारियों को डिजिटल तरीके से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत में छह फीसदी से भी कम छोटे उद्यमियों के पास अपनी वेबसाइट है जो और माई बिजनेस की मदद से मात्र 10 मिनट में कोई भी कारोबारी अपनी वेबसाइट बना सकता है और इसकी मदद से एक साथ दुनिया के 61 देशों में कारोबार कर सकता है। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों को ऑनलाइन, ऑफलाइन व मोबाइल के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा।