सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वेबसाइट पर यह जानकारी अपलोड करने के लिए कहा है कि कितने बच्चों को मिड डे मील का लाभ पहुंच रहा है। शीर्ष अदालत ने इस काम को तीन महीने में पूरा करने के लिए कहा है।
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इसके लिए तय किए गए प्रारूप को हरी झंडी दे दी है। इसमें मिड डे मील की विस्तृत जानकारी और इसकी जरूरतों का ब्योरा होगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि 11 राज्यों ने जवाब दाखिल नहीं किया है। लिहाजा पीठ ने इन राज्यों ने स्वास्थ्य या शिक्षा विभाग के सचिवों को 12 जुलाई को अदालत में पेश होने के लिए कहा है।